बिहार

बिहार के सीमांचल पर छाया नशा

दिल्ली 

बिहार के सीमांचल में नशे का कारोबार बढ़ रहा है. युवा और किशोर ड्रग्स की गिरफ्तर में आ रहे हैं और तस्करी के लिए महिलाओं का इस्तेमाल हो रहा है.पूर्णिया शहर के डॉक्टर, प्रोफेसर, इंजीनियर और आर्मी अफसरों समेत कई ऐसे लोग हैं जो अपने बच्चों को सफलता के शीर्ष पर देखना चाहते थे. लेकिन उन्हें आज अपने बेटों को नशे से जूझते देखना पड़ रहा है. पूर्णिया के एक नशा मुक्ति केंद्र के संचालक के अनुसार केंद्र में आने वाले लोगों में करीब 70 प्रतिशत से अधिक संख्या 20 से 25 आयुवर्ग के लड़कों की है. इनमें से लगभग आधे स्मैक के आदी हो चुके हैं तो बाकी शराब, कोकीन और गांजे के लती हैं. 

पुलिस या सुरक्षा बलों का कहना है कि ऐसा कुछ नया या अचानक नहीं हो रहा है जिस पर चौंका जाए लेकिन मीडिया में आ रही खबरें बताती हैं कि पूर्णिया ही नहीं पूरे सीमांचल में किशोरों तथा युवाओं के बीच मादक पदार्थों में खासकर स्मैक की लत काफी तेजी से बढ़ी है. तस्वीरों मेंः बिहार को खास बनाने वाली बातें कई ऐसे किशोर व युवा अपनी लत पूरी करने के लिए मोबाइल लूटने व चेन स्नैचिंग आदि के जरिए अपराधों की दुनिया में प्रवेश करते हैं और दलदल में फंसते हुए अंतत: ड्रग्स के अवैध कारोबार का हिस्सा बन जाते हैं. कई ऐसे युवा गिरफ्तार भी किए गए हैं. कई लूट कांडों की जांच के बाद भी यह बात सामने आई है. बड़ी साजिश की आशंका गृह मंत्रालय को हाल में भेजी गई एक रिपोर्ट में सीमांचल में फैलते ड्रग्स कारोबार के पीछे खुफिया एजेंसियों ने बड़ी साजिश के तहत राष्ट्रविरोधी ताकतों की संलिप्तता की आशंका जताई है.

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