भोपालमध्यप्रदेश

विद्यार्थियों का साल बर्बाद होने से बचेगा, विश्वविद्यालयों में एक बार फिर री-वैल्यूशन

भोपाल
प्रदेश के पारंपरिक विश्वविद्यालयों में एक बार फिर री-वैल्यूशन शुरू होगा। राजभवन की समन्वय समिति की स्वीकृति मिलने के बाद प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों की स्थिति में परिवर्तन होगा। उच्च शिक्षा विभाग ने 2007 में री-वैल्यूशन व्यवस्था पर रोक लगाई थी, जिसे अब खोला जा रहा है। ये व्यवस्था वार्षीक पद्धति में विद्यार्थियों के लिए काफी उपयोगी साबित होगी।

प्रदेश के निजी और सरकारी विश्वविद्यालयों के पारंपरिक कोर्स में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अब री-वैल्यूशन की सुविधा का लाभ दिया जाएगा। राजभवन की समन्वय समिति की बैठक में री-वैल्यूशन की मुद्दे को एजेंडे शामिल किया गया था, लेकिन राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने री-वैल्यूशन आगामी बैठक में निर्णय लेने को कहा है। अब आगामी बैठक में सबसे पहला मुद्दा री-वैल्यूशन पर होगा। हालांकि प्रदेश के सभी कुलपति री-वैल्यूशन की व्यवस्था पर सहमति जता रहे हैं।

उनका कहना है कि इसके अभाव में कई विद्यार्थियों के साथ अन्याय हो जाता है। विद्यार्थियों की कापियों को दोबारा से मूल्यांकन कराने में काफी नियमों का सामना करना होता है, जिसमें विद्यार्थियों के समय के साथ काफी रुपया भी खर्च होता है। आगामी बैठक में री-वैल्यूशन कराने की व्यवस्था को शुरू किया जा सकेगा।

सेमेस्टर को खत्म हुए चौथा साल जा रहा है। लेकिन उससे जुड़ी व्यवस्थाएं अभी तक विभाग और विश्वविद्यालय खत्म नहीं कर सकें हैं। वार्षिक सिस्टम में री-वैल्यूशन की व्यवस्था ही करना मप्र विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 के तहत होगा। इससे विद्यार्थियों को अपनी कॉपियों का मूल्यांकन कर रिजल्ट हासिल हो सकेंगे।

2007 में उच्च शिक्षा विभाग ने सेमेस्टर सिस्टम को प्रदेश के विवि और कॉलेजों में लागू किया था। इसमें री-वैल्यूशन की व्यवस्था पारंपरिक कोर्स में बंद कर दी गई थी, लेकिन प्रोफेशनल कोर्स में यथावत रही। पारंपरिक कोर्स में किसी विद्यार्थी को कम अंक मिलते हैं, तो वे मूल्यांकन को चैलेंज करता है। तब विवि विद्यार्थी की कॉपी को प्रोफेसर के सामने खुलवाते हैं। इसमें कॉपियों में लिखे सवाल और जवाब पर प्रोफेसर और विद्यार्थी में काफी बहस तक होती है। प्रोफेसर की रिपोर्ट के बाद ही विद्यार्थियों के अंकों में परिवर्तन होता है, वरना उसे फीस का भुगतान करना होता है। इससे कई विद्यार्थियों का रिजल्ट बिगड़ा है, जिसके कारण उनका साल भी बर्बाद हुआ है।

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