ग्वालियरमध्यप्रदेश

कल आएंगे सरसंघचालक भागवत, जेड प्लस के साथ कड़ी सुरक्षा का रहेगा घेरा

ग्वालियर
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत के ग्वालियर प्रवास को लेकर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। यहां उनके तीन दिवसीय प्रवास के दौरान शीर्ष जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा रहने के साथ-साथ स्वयंसेवकों की भी कड़ी सुरक्षा निगरानी रहने वाली है। इसको लेकर उनकी सुरक्षा में तैनात बल के अधिकारी यहां विभिन्न स्थलों का मौका मुआयना करते हुए सुरक्षा की रणनीति तैयार कर चुके हैं।

बता दें कि दुनिया के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ’ के सर्वोच्च पद ‘सरसंघचालक’ पर आसीन डॉ मोहन भागवत अपने तीन दिन के प्रवास पर कल 26 नवम्बर को  ग्वालियर पहुंचने वाले हैं। इसको लेकर जहां स्थानीय स्तर पर संघ के स्वयंसेवक सक्रियता के साथ तैयारियों में जुटे हैं, वहीं विभिन्न सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट पर आ गई हैं।  विदित हो कि श्री भागवत ग्वालियर में शिवपुरी लिंक रोड स्थित स्वरस्वती शिशु मंदिर केदारपुर  में लगने जा रहे स्वर साधक संगम में मार्गदर्शक के रूप में उपस्थित रहेंगे। इसके अतिरिक्त उनका एक कार्यक्रम जीवाजी विश्वविद्यालय सभागार में भी प्रस्तावित है। साथ ही नई सड़क स्थित संघ कार्यालय ‘राष्ट्रोत्थान न्यास’ भवन का भी श्री भागवत की सुरक्षा में तैनात बल के अधिकारियों ने मौका मुआयना कर विस्तृत योजना तैयार कर ली है।

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत को शीर्ष ‘जेड प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा दी गई है और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआईएसएफ संभालता है। इस सुरक्षा कवर के तहत आरएसएस के सरसंघचालक को करीब 60 कमांडो 24 घंटे सुरक्षा देते हैं। सीआईएसएफ की वीवीआईपी कमांडो इकाई के पास एके शृंखला की राइफलों जैसे अत्याधुनिक हथियार तथा संचार एवं विस्फोट निरोधक कार्यों के लिए आधुनिकतम साजो सामान रहता है। सूत्रों के मुताबिक यह शीर्ष दस्ता भागवत के आवास की सुरक्षा जिम्मेदारी संभालेगा और जेड प्लस सुरक्षा के नियमों के तहत उनके काफिले के वाहनों पर भी नजर रखेगा।

इस बीच  आज सुबह 10.30 बजे स्वर साधक संगम शिविर  का शुभारंभ हो गया। सरस्वती शिशु मंदिर केदारधाम परिसर में आयोजित इस शिविर का शुभारंभ मध्य भारत प्रांत के संघ चालक अशोक पांडे एवं राजा मान सिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पं. साहित्य कुमार नाहर ने किया। इस अवसर पर घोष के गौरवशाली इतिहास पर लगाई गई प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया गया।

 

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