ग्वालियरमध्यप्रदेश

डेंगू को लेकर हाई कोर्ट ने कहा-Covid जैसे ना हों जाएँ हालात, जमीनी स्तर पर काम की मांगी रिपोर्ट

ग्वालियर
हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने डेंगू को लेकर सख्त रुख अपनाया है. कोर्ट के निर्देश पर बनाए गए टास्क फोर्स को निर्देशित किया गया है कि जमीनी स्तर पर क्या कार्य हो रहे हैं इसकी एक विस्तृत रिपोर्ट छह दिसम्बर को कोर्ट में पेश की जाए. साथ ही हाईकोर्ट ने जिम्मेदार विभागों को डेंगू के प्रति आम लोगों में जागरूकता फैलाने के कार्यक्रम चलाने के निर्देश भी दिए हैं.

हाईकोर्ट ने कहा है कि जिस तरह से कोरोना संक्रमण काल में आम लोगों को निजी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ा था और आर्थिक रूप से उन्हें भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी थी, ऐसी नौबत डेंगू के दौरान नहीं आए.

कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं ऐसी होनी चाहिए कि लोग सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए आ सकें. साथ ही जिले के 32 स्वास्थ्य केंद्र और उप स्वास्थ्य केंद्र में इलाज और दवाओं की उपलब्धता बढ़ाई जाए. अधिकारियों को ग्रामीण अंचल से लेकर महानगर तक स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की एक सूची प्रसारित कराना जरूरी होगा. ताकि लोग महामारी के फैलाव के दौरान फील्म में मौजूद सरकारी टीमों से संपर्क कर सकें.

कोर्ट ने ये भी निर्देश दिए हैं कि बीमारी को जड़ से खत्म करने की दिशा में कार्य किए जाएं .इसके लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित टास्क कोर्स समय-समय पर स्वास्थ्य और जागरूकता अभियान की समीक्षा करे. 2 साल पहले डेंगू बीमारी को लेकर एक जनहित याचिका दायर की गई थी. जिसमें हाईकोर्ट ने डेंगू को लेकर कुछ बिंदुओं पर निर्देश भी जारी किए थे. लेकिन उनका पालन नहीं किया जा रहा था. तब याचिकाकर्ता ने अवमानना याचिका दायर की थी . उस पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने ये निर्देश जारी किए हैं.

 

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